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Tuesday, May 6, 2008

गीतकार आनंद बख्‍शी के गाए गीतों पर आधारित पॉडकास्‍ट

रेडियोवाणी के एक साल पूरे होने पर मैंने कहा था कि इस साल कोशिश ये रहेगी कि आपको कुछ पॉडकास्‍ट अपनी आवाज़ में भी सुनवाए जाएं । तो लीजिए इस कड़ी में आपको सुनवा रहा हूं आनंद बख्‍शी के गाए गीतों पर केंद्रित ये पॉडकास्‍ट ।                               

                                     anand

लेकिन इससे पहले कुछ और बातें करना चाहता हूं ।

रेडियोवाणी और रेडियोनामा दोनों पर हम पॉडकास्‍ट पर थोड़ा और ज़ोर देना चाहते हैं । रेडियोनामा पर जल्‍दी ही आप रेडियोसखी ममता सिंह की आवाज़ में मुंशी प्रेमचंद के उपन्‍यास निर्मला का वाचन सुनेंगे । आप सोचेंगे कि निर्मला ही क्‍यों । दरअसल कुछ बरस पहले विविध भारती के लिए रेडियोसखी ममता सिंह ने निर्मला का वाचन किया था जिसे देश-विदेश के श्रोताओं ने बहुत सराहा था । अफ़सोस ये है कि उस समय उसकी कोई कॉपी विविध भारती के संग्रहालय में सुरक्षित नहीं रखी जा सकी । इस तरह से एक शुरूआत भी होगी और एक डेटाबेस भी बनेगा । उम्‍मीद करूं कि हम ऐसी व्‍यवस्‍था कर पाएंगे कि इन तमाम कडियों को आप डाउनलोड भी कर पाएं । अगर आपके मन में कोई ऐसी आकार में छोटी कृति है और जिसे लेकर कॉपीराइट का कोई इशू नहीं बनता, तो सुझाएं । जल्‍दी ही रेडियोनामा और रेडियोवाणी पर मैं और रेडियोसखी ममता सिंह दोनों ही कुछ कृतियों का वाचन आरंभ करेंगे ।

अपनी राय देकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाएं । ताकि जल्‍दी ही काम शुरू करें ।

तो चलिए फिलहाल आनंद बख्‍शी की गायकी पर केंद्रित ये पॉडकास्‍ट सुनें ।

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गीतकार आनंद बख्‍शी के गाए गीतों पर आधारित पॉडकास्‍ट

रेडियोवाणी के एक साल पूरे होने पर मैंने कहा था कि इस साल कोशिश ये रहेगी कि आपको कुछ पॉडकास्‍ट अपनी आवाज़ में भी सुनवाए जाएं । तो लीजिए इस कड़ी में आपको सुनवा रहा हूं आनंद बख्‍शी के गाए गीतों पर केंद्रित ये पॉडकास्‍ट ।                               

                                     anand

लेकिन इससे पहले कुछ और बातें करना चाहता हूं ।

रेडियोवाणी और रेडियोनामा दोनों पर हम पॉडकास्‍ट पर थोड़ा और ज़ोर देना चाहते हैं । रेडियोनामा पर जल्‍दी ही आप रेडियोसखी ममता सिंह की आवाज़ में मुंशी प्रेमचंद के उपन्‍यास निर्मला का वाचन सुनेंगे । आप सोचेंगे कि निर्मला ही क्‍यों । दरअसल कुछ बरस पहले विविध भारती के लिए रेडियोसखी ममता सिंह ने निर्मला का वाचन किया था जिसे देश-विदेश के श्रोताओं ने बहुत सराहा था । अफ़सोस ये है कि उस समय उसकी कोई कॉपी विविध भारती के संग्रहालय में सुरक्षित नहीं रखी जा सकी । इस तरह से एक शुरूआत भी होगी और एक डेटाबेस भी बनेगा । उम्‍मीद करूं कि हम ऐसी व्‍यवस्‍था कर पाएंगे कि इन तमाम कडियों को आप डाउनलोड भी कर पाएं । अगर आपके मन में कोई ऐसी आकार में छोटी कृति है और जिसे लेकर कॉपीराइट का कोई इशू नहीं बनता, तो सुझाएं । जल्‍दी ही रेडियोनामा और रेडियोवाणी पर मैं और रेडियोसखी ममता सिंह दोनों ही कुछ कृतियों का वाचन आरंभ करेंगे ।

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तो चलिए फिलहाल आनंद बख्‍शी की गायकी पर केंद्रित ये पॉडकास्‍ट सुनें ।

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परिचय

संगीत का ब्‍लॉग । मुख्‍य-रूप से हिंदी-संगीत । संगीत दिलों को जोड़ता है । संगीत की कोई सरहद नहीं होती ।

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